शर्म करो

विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे रायपुर नपा के सामान्य सभा से पहले महापौर और पाषदों की विचार-विमर्श बैठक लेंगे. क्या इससे पूर्व ऐसा होता था? नहीं इसका मतलब है महापौर में अपने साथी पार्षदों को साथ लेकर और किसी भी महत्वपूर्ण बैठक से पूर्व एका बनाने का माद्दा नहीं है. यह शर्म से डूब मरने की स्थिति है, जब इनके ऊपर किसी अन्य नेता के आदेश का पालन करना होगा.
18 प्रस्ताव का मात्र चंद मिनटों में विपक्ष द्वारा पारित करा लेना भी महापौर की कार्य प्रणाली पर सीधे-सीधे निशाना साधता है.
महापौर ने जो गलती अपने पद की प्राप्ति के बाद विभिन्न पदों के विभाजन के दौरान किया था और पदों के उठापटक में अनेक पार्षदों में नाराजगी बनी उन्हें मनाने में वे नाकामयाब रहीं और इन्हीं छोटी-छोटी बातों का खामियाजा आज उन्हें और शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है.
किसा भी प्रमुख पद पर रहे व्यक्ति को यदि उनसे छोटे पद के साथियों के साथ किसी अन्य द्वारा बैठक में दिशा-निर्देश दिए जाएं तो यह प्रमुख पद पर बैठे व्यक्ति की अहमियत वहीं समाप्त करता है. प्रतिपक्ष नेता एक बार फिर रायपुर नपा में कांग्रेस की थोड़ी बहुत पकड़ को समाप्त कर रहे हैं.
होना यह चाहिए कि महापौर को पहले कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से अलग से मुलाकात कर अपने निर्णय बताने और उनके सु­ााव लेने चाहिए पश्चात पार्षदों के साथ महापौर को बैठक लेकर रणनीति बनानी चाहिए.
कुल मिला कर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस चाहे वह प्रदेश की राजनीति हो या शहर की नीति निर्धारण में चूक कर रही है. उनके तेवर आमजन के बीच तीखे जरूर हैं पर जब वार करने का समय आता है, बोल मीठे वचन की तरह बाहर आ रहे है.

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: