दो राजनैतिक पार्टियों के बीच झुलती जनता

आज मुझे रायपुर नगर पालिका निगम कार्यालय जोन-7 (पुराना नगर निगम कार्यालय) जाना पड़ा. दरअसल तोड़-फोड़ की कार्यवाही के लिए इन दिनों एक तरफ नगरी विकास मंत्री जो भाजपा से हैं और नगर पालिका निगम महापौर जो कांग्रेस से हैं, के बीच तनातनी चल रही है. नगरी विकास मंत्री का कहना है कि हमने नपा को जो राशि दी है, उस राशि से सड़क चौड़ीकरण किया जाए. इससे पहले आमापारा से ब्राह्मण पारा तक चौड़ीकरण पर जिनके मकान-दुकान आये उन्हें मुआवजा दिया गया था. अब आगे ब्राह्मण पारा से फूल चौक तक सड़क चौड़ीकरण किया जाता है.  इसके लिए यहां के रहवासियों को एक पत्र 21 तारीख को लिखा हुआ 27 दिसम्बर को दिया गया है, जिसमें तीन दिनों केअंदर 2011-12 के नपा टैक्स की रशीद, मकान-दुकान का नक्शा, मकान का क्षेत्रफल, रकबा-खसरा सभी देना है. यह वह क्षेत्र है, जहां लगभग 70 सालों से अनेक परिवार निवास कर रहे हैं. इनकी एक से दो पीढ़ी परलोक सिधार गये हैं. वे इन कागजातों को सुरक्षित रखे हैं तो कुछ के पास टैक्स की रशीद के अलावा कोई कागजात नहीं है. अब वे हैरान-परेशान हैं कि इतने कम समय में इन कागजातों को कैसे हासिल करें. जो भी हो दो राजनीतिक पार्टियों की आपसी लड़ाई की खामियाजा यहां के रहवासी भुगतने तैयार हैं. इसी सिलसिले में मेरा नपा कार्यालय जाना हुआ.
पहले तो हमें इन कागजातों को लेने वाले क्लर्क को ढूंढ़ने में परेशानी आयी. वह बंदा अपनी सीट में नहीं था. पता करने पर बताया गया वह उपर बैठे हैं. उपर गई तो महाशय चाय के साथ गप्पे हांक रहे थे. मैंने कहा नोटिस पर जवाब लाई हूं देख लें.
रूकिये मैडम मैं नीचे आ रहा हूं.
मैं वहीं खड़ी रही.
आप नीचे चलिए पहुंच रहा हूं.
फिर भी मैं खड़ी रही. मुझे पता था ये घंटे भर यही जमा रहेगा. सिर पर खड़ी रहूंगी तभी अपनी सीट पर पहुंचेगा.
दिखाइये यही देख लेते हैं.
उसने कागजात देखे. और कहा- इसे बाजार से प्लास्टिक की फाइल में अटैच कर दें.
अब मेरा पारा चढ़ गया. मैंने कहा- कहां लिखा है इसे फाइल में दें. चलिये मैं फाइल खरीद कर लाती हूं. आप जो रिशिप्ट देंगे उसमें यह जरूर उल्लेख करें कि  कागजात के साथ फाइल प्राप्त.
मैडम मैं आपके भले के लिए कह रहा हूं आपके कागजात सुरक्षित रहेंगे. गुमेंगे नहीं.
इसका मतलब है कि जो कागज आपको दिये जाएंगे उसे प्लास्टिक की फाइल में नहीं देने से आप गुमा देंगे. या उसकी हिफायत की जवाबदारी आपकी नहीं है. जब कागजातों को आप लोग संभाल नहीं सकते तो आम लोगों के जीवन में अनावश्यक खलल क्यों डालते हैं. वैसे आपको बता दूं कि अब तक मैं शांत थी पर आपके व्यवहार ने मुझे वो मसाला दिया है, जो समाचार बना कर छापा जा सकता है, फिर आप सफाई देने मेंरे दफतर के चक्कर लगाते रहेंगे. और कोई सुनवाई नहीं होगी. आपको विभागीय परेशानी आयेगी तो मुझे कोसना नहीं.
मेरे साथ लंबे समय से उस क्लर्क के इंतजार में खड़े लोग भी पहुंच गये थे. वे भी उससे खफा थे. वे सभी मेरी हां में हां मिलाने लगे. अब उस क्लर्क की आवाज दब गयी थी. वह चुपचाप सभी के कागजों को सिर झुका कर लेने में लगा रहा और मैं अपना काम निपटा कर वहां से निकल आयी.

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