अफरा-तफरी

आज छत्तीसगढ़ के अकलतरा (बिलासपुर ) में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मेरी एक दोस्त कु. सुनंदा ढेंगे जो फोरेंसिक एक्सपर्ट है, को न्यायालीन कार्य से वहां जाना था. जब वे अकलतरा रेलवे स्टेशन में सुबह 10 बजे उतरी और एक आटो को कोर्ट जाने के लिए कही तो उसने हाथ जोड़ लिए और कहा कि मैं आपको कहीं नहीं ले जा सकता. अच्छा होगा आप भी स्टेशन से बाहर ना निकलें. पर उसे किसी भी हालत में कोर्ट पहुंचना था. अब उसने रिक्शा लेने की कोशिश की तो रिक्शा चालक भी भाग निकला. उसने यातायात पुलिस से मदद लेने की कोशिश की तो उस बंदे ने उसे फोटोग्राफर समझ कर रोक लिया. विभिन्न जांच के लिए उन्हें फोटो खिंचने पड़ते हैं. ऐसी विषम स्थिति में क्या करू वह समझ नहीं पा रही थी. आखिर इसकी वजह क्या है जानने की कोशिश की तो पता चला किसी शरारती तत्व ने बाबा भीमराव आम्बेडकर की मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की थी. किसी ने मूर्ति की नाक को तोड़ दी थी. इतनी सुबह सारे नेता (सभी पार्टी के) सफेद कुर्ता पहन सड़कों में उतर आये थे. किसी चौक में पुतला जलाया जा रहा था तो कभी चक्काजाम कर लोग आपस में बतिया रहे थे. दुकानें खुलने से पहले बंद होने लगे. जैसे-तैसे उसने एक परिचित को मोबाइल कर बुलाया और कोर्ट पहुंची. वहां कोई काम तो नहीं हुआ पर उसने जो नजारा अपनी आंखों से देखा, उसकी कुछ तस्वीर मैंने उससे शेयर की है. लगता है नये साल के जश्न में किसी शराबियों के समूह की यह हरकत हो सकती है, पर उसे भुनाने की राजनीति दूसरे दिन सुबह से देखने को मिली.

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: