संबंधों को समझें-सहेजें

संबंधों को समझें-सहेजें
छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ने के आंकड़े दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिसमें मारपीट, टोना-टोटका, बलात्कार और दैहिक शोषण के मामले सर्वाधिक है. राजधानी में पिछले एक वर्ष में 1216 मामले दर्ज हुए, तो दुर्ग जिले में 528, बिलासपुर जिले में 450, वहीं बस्तर के दंतेवाड़ा में 59, नारायणपुर में 12 और बीजापुर में 10 मामले सामने आये हैं.
लालच
छत्तीसगढ़ में दहेज प्रताड़ना का मामला बढ़ने का मुख्य कारण है लालच. कभी यहां के गांव में शादी पर वधु पक्ष से वर को सायकिल दी जाती थी तो अब बगैर मोटर साइकिल के काम ही नहीं चलता वहीं जिनकी हैसियत अच्छी है वे चार चक्का वाहन की आस लगाये रहते हैं. वर को घड़ी देने की परम्परा भी खत्म हो गई है. अब गले में मोटी और लंबी चेन और अंगुली में सोने के हीरे जड़ित अंगुठी चाहिए. कैश की बात न ही करें, तो ठीक है क्योंकि लड़के की शैक्षणिक योग्यता और उसकी नौकरी के आधार पर यह रकम तय होती है. यदि किसी ने प्लेटिनम धातु की अंगुठी या अन्य जेवर वर या वर पक्ष के किसी सदस्य को भेंट की, तो उसकी वैल्यू उन्हें समझ नहीं आती और चर्चा होने लगती है-काय दे हे दई स्टील असन दिखत हे, सोन के दे रीतीस त कामो अतिस.
टोना-टोटका
टोना-टोटका जैसा कुछ होता नहीं, पर इसकी आड में एक दब्बू और असहाय परिवार को प्रताड़ित होना पड़ता है. यह आरोप (टोनही) अक्सर उस महिला पर लगाया जाता है, जिसके पक्ष में दमदार पुरूष नहीं होता या उस महिला के पास जमीन-जायजाद हो, जिसे अपने परिजन या वह व्यक्ति जिसकी नजर इस सम्पति पर अटक जाती है, लगाता और सार्वजनिक रुप से रोंगटे खड़े हो जाने की हद तक प्रताड़ित कर गांव से भाग जाने की सीमा तक चला जाता है, जिसमें अंजाने में ही सही गांव के अन्य लोग भी उस एक महिला या उस परिवार के खिलाफ झंडा गाड़ देते हैं.
शोषण
बलात्कार और दैहिक शोषण का मामला गंभीर है, पर हम इसके एक पहलु पर ही नजर डालते हैं. दैहिक शओषण की रिपोर्ट तब दर्ज होती है, जब दोनों की रजामंदी के बीच कोई तीसरा आ खड़ा होता है. पुरूष को कोई और रिझाने लगता है या महिला-युवती की नजर में किसी अन्य पुरूष की चाह होने लगती है. कभी एक दूसरे पर मर-मिटने की कसमें खाने वाले अचानक अपनी नजरें चुराने लगते हैं या शादी के लिए दबाव बनने लगता है या फिर असावधानी के चलते गर्भ ठहर जाता है.
संतुष्टि
बलात्कार उसे भी कहते हैं जब दोनों में से एक दैहिक संबंध बनाने के लिए राजी न हो. ऐसा पतिपत्नी के बीच भी होता है. पति की इच्छा हो और पत्नी तैयार ना हो तब भी यदि संबंध बने तो वह बलात्कार की श्रेणी में आता है, पर कितने पति-पत्नी हैं, जो इस विषय में खुल कर बातें करते हैं और एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हैं? और कौन सी पत्नी है, जो अपने पति के काम-लोलुपता को अपनी सहेलियों, सास, मां आदि से शेयर करती हैं?
मारपीट करना आम बात है. पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका के बीच मारपीट हो तो समझ जायें पति या प्रेमी दैहिक संतुष्टि चाहता है, जो पूरा नहीं हो रहा है. सारा रिश्ता देह से शुरू होकर शरीर में ही समाप्त होता है. जहां संतुष्टि है, तो पति प्रेमी आप पर हाथ उठायेगा तो स्पर्श करने के लिए, ना की चोटिल (तन-मन को) करने.
दहलीज
लगातार उलाहना, प्रताड़ना या बेरूखी ही बाद में संबंधों को तार-तार करती है. एक बार संबंधों में खटास आ जाए, तो लंबे समय के रिश्ते को टूटने में पल भर नहीं लगता और यहीं से घर की दहलीज लांघ कर युवती-महिला जिसे असीम प्यार करती थी अचानक नफरत करने लगती है और उसे बर्बाद करने की हद तक जाकर न जाने कैसे-कैसे झूठे आरोप लगाती है.
दूरियां
इन अपराध के आंकड़ों को कम किया जा सकता है. पतिपत्नी, प्रेमीप्रेमिका की काउन्सलिंग जरूरी है. उन्हें समझाना होगा कि समस्या की शुरूआत कहां से हो रही है. पहले उनकी बातों को धैर्य के साथ सुना जाए और उनकी आदतों को समझा जाए. क्या पुरूष उग्र स्वभाव का है या स्त्री घरपरिवार को साथ लेकर चलने से परहेज करती है? जरूरी हो तो मनोचिकित्सक की भी मदद ली जा सकती है. पर क्या ऐसा होता है? जब हम एक दूसरे को समझेंगे नहीं उनकी भावनाओं की कद्र नहीं करेंगे, तो रिश्तों में दूरियां आयेंगी और थाने से कोर्ट तक का सफर शुरू होगा, जो किसी भी हालत में सही नहीं है.
शशि परगनिहा
16 मार्च 201ॅ3, शनिवार
—————-

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: